Wednesday, April 13, 2011

हर व्यक्ति की अपनी कुछ इच्छाएं रहती हैं जिसे वह पूरा करना चाहता है। उसकी यह इच्छाएं कभी पूरी होती है तो कभी नहीं भी होती। अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए वह अनेक प्रयास करता है। इसके लिए वह जन्मपत्रिका, हस्तरेखा, प्रश्नकुंडली, शकुन आदि का सहारा भी लेता है। मनोकामना पूर्ति के बारे में जानने की एक और सरल विधि है श्री हनुमान ज्योतिष यंत्र। इस यंत्र के माध्यम से व्यक्ति कोअपने प्रश्नों का उत्तर तुरंत मिल जाता है जैसे- दाम्पत्य सुख, विवाह में देरी, धन प्राप्ति, प्रेम में सफलता-असफलता आदि।

विधि

यह श्रीहनुमान ज्योतिष यंत्र है, जिसमें सात खाने (कॉलम) हैं। व्यक्ति सबसे पहले पांच बार ऊँ रां रामाय नम: मंत्र का तथा बाद में 11 बार ऊँ हनुमते नम: मंत्र का जप करे। इसके बाद आंख बंद करके अपनी मनोकामना के बारे में पूछते हुए इस यंत्र पर कर्सर घुमाएं। जिस खाने में यह कर्सर रूक जाए उसका फलादेश देखकर ही कार्य करें।

दाम्पत्य सुख

1- दाम्पत्य प्रेम में वृद्धि होगी।

2- प्रेम होगा किंतु विवाह के पश्चात।

3- जीवनसाथी के आने से भाग्योदय होगा और प्रेम भी बढ़ेगा।

4- परायों के कारण परेशानी होगी।

5- वाणी में मधुरता रखें, अन्यथा मतभेद और बढ़ेंगे। ऊँ नम: शिवाय का जप करें।

6- पैसों को लेकर तनाव और कलह रहेगी।

7- दाम्पत्य में खुशियां मिलेंगी।

रोग कब समाप्त होगा

कभी-कभी रोग इंसान को इतना परेशान कर देते हैं कि वह अपने आप को असहाय समझने लगता है। यदि आप भी किसी रोग से पीडि़त हैं और यह जानना चाहते हैं कि इस रोग से आपको कब मुक्ति मिलेगी तो श्रीहनुमान ज्योतिष यंत्र से आप इस प्रश्न का उत्तर पा सकते हैं।



1- रोग का उपाय करें, लाभ मिलेगा।

2- भक्ति में ही शक्ति है, इष्टदेव की भक्ति एवं उपासना करें। रोग से मुक्ति मिलेगी।

3- रोग गंभीर है, भारी परेशानी रहेगी।

4- अभी स्वस्थ होने में कम से कम छ: माह लगेंगे।

5- उपचार में परिवर्तन करें, शीघ्र लाभ मिलेगा।

6- दूसरे स्थान पर जाएं, जलवायु बदलने से लाभ मिलेगा।

7- प्रारब्ध का फल है। मुक्ति मिलना कठिन है।

विवाह संबंधी परेशानी कब समाप्त होगी



1- दक्षिण दिशा में विवाह का योग है लेकिन अभी देरी है।

2- शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूरी होगी।

3- विवाह में बाधाएं आएंगी।

4- शिव-गौरी का पूजन करें तथा मंगलस्त्रोत का पाठ करें।

5- दो वर्ष के बाद विवाह का योग है।

6- अभी विवाह में अड़चने हैं।

7- शीघ्र ही विवाह होगा।


बुरा समय कब समाप्त होगा

1- आलस्य छोड़ें, काम करें। छ: माह में सफलता मिलने लगेगी।

2- अपनों की सलाह से चलें, मनमानी और जिद छोड़ें।

3- भाग्य अभी साथ नहीं है। थोड़े समय बाद अनुकूल होगा।

4- बुजुर्गों का आदर करें तथा दानपुण्य करें, लाभ मिलेगा।

5- पत्नी की सहायता से बुरा समय जल्दी ही कट जाएगा।

6- दो साल तक और अच्छे समय का इतंजार करना पड़ेगा।

7- शीघ्र ही आपका समय अच्छा आने वाला है।

 


Friday, April 8, 2011

घुंघरुओं की आवाज आए तो होंगे मालामाल

घुंघरुओं की आवाज आए तो होंगे मालामाल
जीवन में यदि आर्थिक स्वतंत्रता हो तो किसी बात की परेशानी नहीं होती। लेकिन पैसे के अभाव में जीवन एकदम नीरस लगता है। यदि आपके जीवन में भी पैसे की तंगी है तो नीचे लिखे उपाय से आप भी धनवान हो सकते हैं। यह उपाय अक्षय तृतीया, दीपावली, धनतेरस या किसी शुक्रवार की रात को करना चाहिए। यह इस प्रकार है-
उपाय
कांसे या पीतल की थाली में काजल लगाकर इसे काली कर दें और फिर चांदी की डण्डी से उस पर लक्ष्मीजी का चित्र बनाएं। फिर उस चित्र पर ऐश्वर्य लक्ष्मी यंत्र स्थापित कर दें और सिर्फ एक सफेद धोती पहनकर उत्तर दिशा की ओर मुंह करके सामने गेहूं के आटे के चार दीपक बनाएँ और उसमें तेल भर कर जला लें। थाली के चारों कोनों पर रखे मूंगे की माला से इस मंत्र का 51 माला जप करें।

मंत्र- ऊँ ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं ह्रीं ह्रीं फट्

जब मंत्र पूरा हो जाए तो रात्रि में वहीं जमीन पर ही सो जाएं। सुबह जब घुंघरुओं की आवाज सुनें तो समझ लें कि लक्ष्मी का आगमन आपके घर हो गया है। फिर कभी आपको धन संबंधी परेशानी नहीं होगी।

महिलाओं को कमर दर्द

कमर दर्द, वैसे तो आज यह एक आम समस्या है। अधिकांश महिलाओं को कमर दर्द की परेशानी झेलना पड़ती है। घर में ज्यादा काम करने के बाद यह समस्या होती है लेकिन इस बीमारी का संबंध वास्तु से भी है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि किचन में वास्तुदोष हो तो वहां खाना बनाने और गलत दिशा में खाना खाने वाली महिलाओं को कमर दर्द की समस्या अवश्य ही रहती है। वास्तु शास्त्र पॉजीटिव एनर्जी और नेगेटिव एनर्जी के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसी वजह से यदि नेगेटिव एनर्जी अधिक प्रभावी होगी तो घर के सदस्यों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी झेलना पड़ सकती है।

धन और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को दूर रखने में वास्तु अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से आज इसका प्रचलन काफी बढ़ गया है। महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा समय किचन में ही बिताना होता है, अत: वहां यदि नेगेटिव ऊर्जा अधिक सक्रीय होगी तो उन्हें परेशानियां अवश्य ही होंगी।

महिलाओं को ध्यान रखना चाहिए कि खाना खाते समय उनकी पीठ किचन के दरवाजे की ओर न हो। खाना खाते समय किचन के दरवाजे के सामने की मुंह रहना शुभ है। ऐसा ना होने पर नेगेटिव एनर्जी अधिक प्रभावी हो जाती है और महिलाओं को कमरदर्द का सामना करना पड़ सकता है।

वास्तु शास्त्र आज सभी की जरूरत बन चुका है। काफी लोग घर बनाने से पहले वास्तु विशेषज्ञ से सलाह अवश्य ही लेते हैं। जो लोग वास्तु के अनुरूप घर नहीं बनवाते हैं उन्हें कई प्रकार की परेशानियों से जुझना पड़ता है। इसी वजह से वास्तुदोष दूर करने वाली वस्तुएं घर में रखना शुभ है। यदि आपके घर में भी कोई वास्तु दोष है तो आप यहां कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। साथ वास्तु दोष और वास्तु के फायदों के संबंध में यहां काफी लेख प्रकाशित किए जा चुके हैं। आप अपनी समस्या के संबंध में लेख खोज कर अपना जीवन सुखी बना सकते हैं।